करणी माता को करनल किनीयाणी के नाम से जाना जाता है।
बीजासन माता का मंदिर बूंदी में स्थित हैं।
शीतला माता का मंदिर का जयपुर में स्थित हैं।
चौथ माता का मंदिर का मंदिर सवाईमाधोपुर में स्थित है।
रामेश्वरम का प्रसिद्ध मंदिर सवाईमाधोपुर में स्थित है।
शारदा देवी/सरस्वती माता का मंदिर पिलानी झुन्झुनू में स्थित है।
सुराणा माता का मंदिर नागौर में स्थित हैं।
आई माता के मंदिर को दरगाह हैं।
आमजा माता मंदिर केलवाड़ा में स्थित हैं।
करणी माता ने मेहराननगढ दुर्ग की नींव रखी थी।
चौरासी खम्भा का मंदिर डीग में स्थित है।
पूंछरी दुर्ग स्थापत्य शैली का नीलकण्ठ मंदिर रणकपुर बाणमाता मंदिर का
पूंछरी का लोटा मंदिर डीग में स्थित है।
जीण माता का मंदिर सीकर में स्थित हैं। इनको गजरा वाली देवी कहा जाता है, बचपन का नाम जीवण बाई था, माता को ढाई प्याले शराब व बकरे के कान चढ़ाये जाते है।
हर्षनाथ जी का मंदिर सीकर में स्थित है।
सारणेश्वर महादेव जी का मंदिर सिरोही में स्थित है।
कल्याण जी मंदिर टोंक में स्थित है।
जगत अम्बिका माता का मंदिर उदयपुर में स्थित है।
खुतुम्बरा का शिव मंदिर कोटा में स्थित है।
बंशीवाले का मंदिर नागौर में स्थित है।
सच्चियाँ माता का मंदिर ओसियां जोधपुर में स्थित है।
शीतलेश्वर महादेव जी का मंदरी झालावाड़ में स्थित है।
चांदखेड़ी का जैन मंदिर झालावाड़ में स्थित है।
जमुवाय माता का मंदिर जयपुर ग्रामीण के जमवारामगढ़ में स्थित है।
विजय राज राजेश्वर मंदिर डूंगरपुर मैं स्थित है। इस मंदिर का निर्माण महारावल विजय सिंह ने प्रारम्भ करवाया था।
शाकम्भरी माता का मंदिर सांभर जयपुर में स्थित है। यह चौहानो की कुलदेवी है।
हर्षद माता का मंदिर दौसा में स्थित है।
लक्ष्मण मंदिर डीग में स्थित है।
महामंडलेश्वर मंदिर जोधपुर में स्थित है।
चौपड़ा महादेव मंदिर धौलपुर जिले में स्थित है।
विमल बिहारी मंदिर डीग में स्थित है।
राधा बिहारी मंदिर धौलपुर जिले में स्थित है।
खटकड़ महादेव मंदिर बूंदी में स्थित है।
हुण्डैश्वर महादेव मंदिर बूंदी में स्थित है।
श्री चिंतामणि मंदिर बीकानेर में स्थित है।
गाडोली महादेव मंदिर जहाजपुर भीलवाड़ा में स्थित है।
मन्दाकिनी मंदिर बिजोलिया भीलवाड़ा में स्थित है।
नीलकंठेश्वर महादेव महादेव मंदिर भीलवाड़ा में स्थित है।
श्री पूर्णेश्वर महादेव मंदिर बीकानेर में स्थित है यहाँ प्रतिवर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा और द्वितीया को बाप जी का मेला लगता है।
बोरेश्वर महादेव जी का मंदिर डूंगरपुर में स्थित है। इसका निर्माण महारावल सामंतसिंह के द्वारा 1179 ईस्वी में सोम नदी के किनारे करवाया गया था।
फुलेश्वर महादेव जी का मंदिर डूंगरपुर में स्थित है। इस मंदिर को महारावल शिवसिंह की रानी फूलकंवरी ने बनवाया था।
देव सोमनाथ का मंदिर यह डूंगरपुर में स्थित है यह प्राचीन मंदिर सोम नदी के किनारे स्थित है।
गवरी बाई का मंदिर डूंगरपुर में स्थित है। इसका निर्माण महारावल शिवसिंह ने करवाया था इन्हें वागड़ की मीरा कहते है।
सन्तमावजी का मंदिर डूंगरपुर में स्थित है।
पाडा माता का मंदिर डीडवाना कुचामन में स्थित है। यह डीडवाना झील के निकट स्थित है।
ब्राह्मणी माता पल्लू यह मंदिर हनुमानगढ़ में स्थित है यहाँ हर माह की शुक्ल अष्टमी को मेला लगता है एक ब्राह्मणी माता का मंदिर सोरसन बारां में भी स्थित है।
अम्बिकेश्वर महादेव मंदिर जयपुर में स्थित है। यह मंदिर पन्ना मीणा कुंड के पास है।