राजस्थान के जिले

राजस्थान के जिले

राजस्थान के जिले

 

आज की इस पोस्ट में प्रत्येक जिले के बारे में हम पोस्ट में जानेंगे ध्यानपूर्वक पढिए ।

कोटा

  • कोटा संभाग की श्रेणी में आता हैं इसके अधीन बांरा बूंदी झालावाड़ आते हैं।

  • कोटा का दशहरा मेला प्रसिद्ध हैं,भाद्रपद शुक्ल दशमी को लगता है।

  • कोटा नगर निगम की श्रेणी में आता हैं।

  • कोटा को सिंचाई विभाग का दर्जा प्राप्त हैं।

  • कोटा का शुभंकर ऊदबिलाव है।

  • कोटा को सबसे ज्यादा नदियों वाला संभाग कहाँ जाता हैं।

  • कोटा में गाड़ियों के नम्बर पर RJ-20 लिखा होता हैं।

  • कोटा चम्बल नदी के किनारे बसा हुआ हैं।

  • कोटा शहर का नाम कोटिया भील के नाम से रखा गया था।

  • यहां चम्बल फर्टिलाइजर स्थित हैं।

  • श्री राम सीमेंट फेक्ट्री स्थित हैं।

  • औधोगिक क्षेत्र मे आता है।

  • यहां कोटा स्टोन प्रसिद्ध हैं।

  • यहां हाड़ा राजवंश का शासन था।

  • कोटा की स्थापना 1631 में जहांगीर ने की थी।

  • यहां किशोर सागर तालाब स्थित हैं किशोर सागर तालाब में स्थित जगमंदिर का निर्माण महाराव दुर्जनशाल की महारानी रानी ब्रज कंवर ने करवाया था।

  • अभेड़ा महल स्थित हैं।

  • चार चैमां शिव मंदिर स्थित हैं

  • कोटा में सी बी गार्डन चम्बल गार्डन है।

  • कोटा में विभीषण जी का मंदिर (कैथून) में स्थित हैं।

  • खड़े गणेश जी का मंदिर स्थित है।

  • अबीली मीणी का महल स्थित हैं इसे हाड़ौती का ताजमहल कहा जाता है।

  • कोटा में थर्मल पावर प्लांट हे जो कोयला आधारित बिजली उत्पादन करता हैं

  • कोटा में जवाहर सागर बांध कोटा बैराज बांध है।

  • कोटा में स्टे केबल से बना हैंगिंग ब्रिज है। इसका उदघाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 300 किलोमीटर दूर जयपुर से किया था।

  • मथूराधीश जी का मंदिर स्थित हैं।

राजस्थान के जिले

  • कोटा का गढ़ पैलेस कोटा बैराज के समीप चम्बल नदी के किनारे बना हैं

  • रिवरफ्रंट चम्बल नदी किनारे चम्बल माता की मूर्ति स्थित है।

  • क्षार बाग की छतरियां कोटा में स्थित हैं।

  • महिलाओं को शिकार करते हुए चित्रकला प्रसिद्ध हैं

  • कोटा में बाॅयोलॅाजिकल पार्क स्थित हैं

  • यहां की ब्लैक पाॅटरी प्रसिद्ध हैं।

  • यातायात पार्क कोटा में स्थित हैं।

  • यहां का दशहरा प्रसिद्ध हैं दशहरे की शुरूआत माधोसिंह के द्वारा की गई थी

  • यहां कर्णेश्वर महादेव चट्टानेश्वर महादेव ढाड़ देवी माता का मंदिर स्थित हैं

  • गेपरनाथ महादेव यहां 2008 में सिढीयां टूट गई थी।

  • सर्प उधान कोटा में स्थित है।

  • कोटा की क्रांति में मेजर बर्टन का सिर काटकर पूरे शहर में घुमाया था दो नेता दयदयाल ओर मेहराब खां थे।

  • कोटा जिले की सीमा राजस्थान के बूंदी, सवाई माधोपुर, बारां, झालावाड़, चित्तौड़गढ़ व टोंक जिलों

  • राज्य मध्य प्रदेश राज्य से लगती है।

  • कोटा जिले का क्षेत्रफल 5217 वर्ग किलोमीटर है

  • यहां 6 पंचायत समिति है — लाडपुरा, सुल्तानपुर, इटावा, चेचट, खैराबाद और सांगोद

  • कोटा में वर्तमान में 7 तहसील है

  • लाडपुरा, दीगोद, पीपल्दा, रामगंज मंडी, सांगोद, कनवास, चेचट,

  • कोटा जिले की प्रमुख मिट्टी — काली मिट्टी (मध्यम गहरी काली मिट्टी)।

  • यह मिट्टी सोयाबीन, गेहूँ, सरसों और ज्वार

राजस्थान के जिले
राजस्थान के जिले

 

बारां

  • इस जिले का निर्माण 9-10 अप्रैल 1991 को कोटा से अलग करके बनाया गया था।

  • यह राजस्थान का 32 वाँ जिला है।

  • बारां का प्राचीन नाम वराह नगरी हैं।

  • बारां में नेशनल हाइवे 27 गुजरता है।

  • वराह नगरी में भगवान विष्णु की मूर्तिया अधिक प्राप्त हुई।

  • बारां जिले का क्षेत्रफल 6992 वर्ग किमी हैं।

  • बारां का शुभंकर हिरण है।

  • यह जिला कोटा संभाग के अंतर्गत आता है।

  • बारां राजस्थान के दक्षिणी-पूर्वी भाग में स्थित हैं

  • प्रमुख नदियां कालीसिंध पार्वती परवन एवं अंधेरी।

  • शाहबाद दुर्ग बांरा जिले में स्थित हैं।

  • परिवहन नम्बर RJ-28 लिखा होता हैं।

  • रामगढ़ का भण्ड़देवरा राजस्थान का मिनी लघु खजुराहो कहलाता हैं।

  • बांरा के अंता में सोरसन माता मंदिर का स्थित हैं देवी की पीठ की पूजा की जाती हैं।

  • छबड़ा मे पावर प्लांट स्थित है।

  • बांरा के डोल प्रसिद्ध हैं ओर मेला भी।

  • बारां की शाहबाद और किशनगंज तहसील में सहरिया जनजाति निवास करती हें जिसे आदिम जनजाति कहा जाता है।

  • यह जनजाति शिकार करके अपना जीवन यापन करती हैं।

  • इनके द्वारा शिकारी नृत्य किया जाता हैं।

  • बांरा जिले में परवन नदी के किनारे शेरगढ़ का दुर्ग बना हुआ है। जिसे कोशर्वद्धन दुर्ग भी कहते हे।

  • क्षेत्र हाड़ोती

  • इस जिले में मुख्य रूप से हाड़ौती बोली जाती है।

  • यहां सीताबाड़ी का मेला प्रसिद्ध हैं।

बूंदी

  • बूंदी की स्थापना 1242 ईस्वी में राव देवा हाड़ा ने की थी।

  • बूंदी का प्राचीन नाम वृन्दावती था।

  • बूंदी जिले का शुभंकर सुरखाब है।

  • यह कोटा संभाग में आता है।

  • यहाँ के परिवहन पर RJ-08 लिखा होता है।

  • यहाँ इन्द्रगढ़ (बूंदी) में बिजासन माता का मंदिर है।

  • क्षेत्र हाड़ोती

  • यहाँ भी हाड़ौती बोली जाती है।

  • बूंदी में कजली तीज का मेला लगता है।

  • इसे बावड़ियों का शहर कहा जाता है।

  • छोटी काशी के नाम से जाना जाता है।

  • बूंदी में तारागढ़ दुर्ग स्थित है।

  • तेजाजी की कर्मस्थली भी बाँसी दुगारी भी बूंदी में है।

  • 84 खम्भों की छतरी बूंदी में है।

  • बूंदी चित्रशैली में पशु पक्षी के दृश्य दिखाए गए है।

  • रामगढ़ विषधारी टाइगर रिज़र्व बूंदी में है।

  • केशोरायपाटन में चम्बल नदी के तट पर भगवान विष्णु का प्रसिद्ध केशव राय जी का मंदिर है जहाँ कार्तिक पूर्णिमा पर नदी में स्नान किया जाता है।

  • जैत सागर झील बूंदी में है।

  • रानी जी बावड़ी बूंदी में है। निर्माण1699 ईस्वी में रानी नाथवती के द्वारा है।

  • बूंदी का क्षेत्रफल लगभग 5550 वर्ग किलोमीटर है।

  • बूंदी महोत्सव कार्तिक माह में मनाया जाता।

झालावाड़

  • झालावाड़ की स्थापना: 1838 ई. में हुई थी।

  • संस्थापक महाराजा मदन सिंह झाला यह कोटा के प्रशासक थे।

  • राज्य झालावाड़ रियासत

  • स्थान दक्षिण-पूर्वी राजस्थान

  • झालाओं के नाम पर झालावाड़ रखा गया।

  • झालावाड़ के उपनाम राजस्थान का नागपुर राजस्थान का चेरापूंजी।

  • झालरापाटन घंटियों का शहर।

  • यहां का बिंदौरी नृत्य प्रसिद्ध है।

  • यहां गागरोनी तोते पाए जाते हैं।

  • गागरोन दुर्ग स्थित है यह एक औदक जल दुर्ग है इसका निमार्ण बिजलदेवसिंह ने करवाया था।

  • सूफी संत हजरत हमीमुद्दीन चिश्ती मीठेशाह की दरगाह झालावाड़ दुर्ग में

  • यह दुर्ग आहू व कालीसिंध नदी के तट पर स्थित है।

  • इस दुर्ग संत पीपा का जन्म हुआ था। संत पीपा की छतरी भी इस दुर्ग में है।

  • यहां पर गोमती सागर पशु मेला लगता है।

  • यह कोटा संभाग में आता है।

  • यहां भी हाड़ौती बोली है।

  • यहां संतरे की खेती जाती हैं।

  • राजस्थान में सबसे ज्यादा बारिश होने वाला जिला है और सबसे ज्यादा बारिश होने पर स्थान माउंट आबू सिरोही है।

  • झालावाड़ का RTO RJ-17 है।

  • नवलखा दुर्ग झालरापाटन में स्थित है इस दुर्ग की नींव पृथ्वीसिंह ने रखी थी

  • काष्ठ का रेन बसेरा झालावाड़ में स्थित है।

  • वराह मंदिर ब्रज नगर झालावाड़।

  • चन्द्रभागा पशु मेला झालावाड़ में लगता है

  • मुकुंदरा हिल्स दर्रा झालावाड़।

राजस्थान के लोकदेवता

 

Thanks for reading

2 thoughts on “राजस्थान के जिले”

  1. Sir me kya apka nam jan sakta hu kya
    Ya fir aap kaha se ho
    I’m indian but my family and me Living in England
    I’m belong to Rajasthan love ❣️❣️ rajasthan

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