राजस्थान के प्रमुख महल
राजस्थान के प्रमुख महल
आज की इस पोस्ट में राजस्थान के प्रमुख महल के बारे जानेंगे।
उदयपुर को झीलों की नगरी के साथ महलों की नगरी भी कहते है जल महलों की नगरी डीग को कहा जाता है। राजस्थान के प्रमुख महल
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जयपुर का हवा महल यह पांच मंजिला है इसका निर्माण सवाई प्रताप सिंह ने करवाया था 1799 ईस्वी में इसमें पांच मंदिर है शरद मंदिर, रतन मंदिर, विचित्र मंदिर, प्रकाश मंदिर, हवा मंदिर है इस महल की आकृति भगवान श्री के मुकुट के समान है। इस महल में 953 झरोखे व 365 खिड़किया है। इस महल के वास्तुकार लालचन्द उस्ता थे। यह महल पिरामिड के आकार का भवन है इसका प्रवेश द्वार पश्चिम की ओर है जिसे आनंद पोल कहते है सबसे निचली मंजिल पर महाराजा सवाई प्रताप सिंह का कक्ष है जिसे प्रताप मंदिर कहते है। इसकी पाँचवी मंजिल पर हवा मंदिर है इस महल के पिछले हिस्से में राज्य सरकार के द्वारा 1983 में हवामहल म्यूजियम संचालित किया गया है।
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गुलाब महल कोटा में स्थित है,इसका निर्माण रावजैतसिंह ने करवाया था।
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अबली मीणी का महल कोटा में मुकुंदरा हिल्स पर स्थित है। इसे हाड़ौती का ताजमहल कहते हैं।
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अभेड़ा महल कोटा में है।
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सुपारी महल सवाईमाधोपुर में है।
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हाड़ी रानी का महल सलूम्बर में स्थित है।
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रंग महल बूंदी में स्थित है। एक रंग महल बीकानेर में भी स्थित है।
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कर्ण महल बीकानेर में स्थित है।
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सुख महल बूंदी में स्थित है इसका निर्माण जैतसागर के तट पर 1773 ईस्वी में विष्णु सिंह ने करवाया था।
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रंगविलास महल बूंदी में स्थित है। इसका निर्माण उम्मेद सिंह के द्वारा चित्रशाला के रूप में करवाया गया था।
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रेशमा महल सीकर में स्थित है।
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बादल महल जैसलमेर में स्थित है।
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कृष्णा विलास महल उदयपुर में स्थित है।
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लिलीपुल महल जयपुर में स्थित है।
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एक जैसे नो महल जयपुर में है, इसका निर्माण माधोसिंह द्वितीय ने अपनी नौ रानियों के करवाया था।
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खेतड़ी महल झुंझुनू में स्थित है। इस महल का निर्माण राजा भोपाल सिंह ने करवाया था ताज के आकार का हवादार महल के रूप में जिसका उपयोगशाही परिवार के लोग ग्रीष्मकाल में करते थे इस राजस्थान का दूसरा ताजमहल कहते है।
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उदयविलास महल डूंगरपुर में गैपसागर के दक्षिण तट पर शाही परिवार के रहने के लिए बनाया गया। इसका निर्माण महारावल गोपीनाथ ने करवाया था
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जूनामहल डूंगरपुर में स्थित है इसका निर्माण महारावल वीरसिंह ने 12 वी शताब्दी में इसका निर्माण करवाया था जो भित्ति चित्रों और शीशों के कार्य के लिए प्रसिद्ध है इसकी बाहरी दीवारों पर व्यस्त बुर्ज एवं गुम्बद खुली छते मौखे सहित पहरा चौकिया, परकोटो में तीरंदाजो के लिए झिरियाँ जिससे सैनिको के घिर जाने का प्रतिकार किया जा सकता है।
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राजविलास महल जैसलमेर स्थित है।
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घाणेराव महल पाली में है।
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ओखा रानी का महल अचलगढ़ सिरोही में है।
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स्वरूप निवास यह सिरोही में स्थित है,इस महल का निर्माण महाराजा स्वरुप सिंह ने करवाया था।
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केसर विलास महल सिरोही में स्थित है इस महल का निर्माण महाराव केसरी सिंह ने करवाया था।
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जगनिवास महल उदयपुर में है।
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एक थम्भा महल मण्डोर जोधपुर में है। इस महल का निर्माण अजीतसिंह ने करवाया था इसके उपनाम प्रहरी मीनार, एक खम्भा महल।
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लालगढ़ पैलेस बीकानेर में है। इसका निर्माण गंगासिंह ने अपने पिता लालसिंह की स्मृति में लाल पत्थरों से करवाया था इसमें अनूप संस्कृति लाइब्रेरी व् सार्दुल संग्रहालय स्थित है
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राजमहल टोंक में है
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मुबारक महल टोंक में है। एक मुबारक महल जयपुर में भी स्थित है।
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सरिस्का पैलेस अलवर में है।
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गोपाल महल भरतपुर में है।
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जोगीमहल सवाईमाधोपुर दुर्ग में स्थित है।
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सुपारी महल और हम्मीर महल सवाईमाधोपुर दुर्ग में स्थित है।
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सावन भादो महल भरतपुर में है।
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किशोरी महल भरतपुर में है।
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मान महल अजमेर में है।
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डीग के महल डीग में है जो फव्वारों के लिए प्रसिद्ध है।
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रानी पद्मिनी का महल चित्तौड़गढ़ में स्थित है।
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गोरा बादल महल चित्तौड़गढ़ में स्थित है।
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कुम्भा महल चित्तौड़गढ़ में स्थित है।
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सिटी पैलेस जयपुर में स्थित है
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शीश महल जयपुर में स्थित है।
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मोती डूंगरी के महल जयपुर में है।
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एक थम्बिया महल
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यह महल डूंगरपुर में स्थित है गैब सागर झील के किनारे उदयविलास शारदा में स्थित इस महल का निर्माण अपनी माता राजमहिषी ज्ञानकुँवर की स्मृति में ज्ञान शिवज्ञानेश्वर शिवालय के रूप में महारावल शिवसिंह ने करवाया था।
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बादल महल यह डूंगरपुर में स्थित है गैब सागर झील के किनारे स्थित है एक बादल महल जैसलमेर में भी स्थित है।
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महाराजा सूरजमल महल डीग में स्थित है। यह महल डीग के किले के मध्य में स्थित है।
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चील महल डीग में स्थित है।
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खानपुर महल/ कानपुर महल यह महल धौलपुर में स्थित है इसका निर्माण 1622 में जहाँगीर के मनसबदार सुलेह खां के द्वारा करवाया गया बादशाह शाहजहाँ का आरामगाह था
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केसरबाग पैलेस धौलपुर में स्थित है।
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लक्ष्मी रानी महल दौसा में स्थित है।
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छत्र महल बूंदी के तारागढ़ दुर्ग में स्थित है। इस दुर्ग में रतन महल, अनिरुद्ध महल, बादल महल और फूल महल भी है।
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विनय विलास महल / सिलीसेढ़ महल अलवर में स्थित है।
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गजनेर महल बीकानेर में स्थित है इस महल का निर्माण गजसिंह ने अकाल राहत कार्य के रूप गजनेर झील के किनारे करवाया था।
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रूठी रानी का महल जयसमंद वर्तमान सलूम्बर में स्थित है इसका निर्माण महाराणा जयसिंह ने करवाया था एक अजमेर में भी स्थित है।
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राजमहल उदयपुर में स्थित है। जिसे फर्ग्युसन ने विंडसर महल की संज्ञा दी थी।
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मेहरानगढ़ दुर्ग में फतेहमहल फूलमहल स्थित है। यह जोधपुर में स्थित है।
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उम्मेद पैलेस यह जोधपुर में स्थित है इसका निर्माण महाराजा उम्मीद सिंह ने अकाल राहत के लिए करवाया था जिसके एक हिस्से में संग्रहालय व दूसरे हिस्से में उम्मेद भवन पैलेस होटल है।
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काष्ठ प्रासाद यह झालावाड़ में स्थित है यह महल कृष्णा सागर झील के किनारे स्थित है इस महल का निर्माण राजेंद्र सिंह ने करवाया था इसे काष्ठ का रैन बसेरा भी कहते है।
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बिजोलाई महल यह जोधपुर के कायलाना की पहाड़ियों में स्थित है इसका निर्माण तख्तसिंह ने करवाया था।
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बनेड़ा महल यह भीलवाड़ा में स्थित बनेड़ा दुर्ग में है
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सुनहरी कोठी यह टोंक में स्थित इसका निर्माण नवाब वजीउद्दौला द्वारा करवाया गया था इसमें रंगीन काँच की से जड़ित शीशमहल है।
पोस्ट को और अपडेट किया जाएगा।
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